राजस्थान में 10 साल बाद बड़ा बदलाव: नया शिक्षा सत्र अब 1 अप्रैल से शुरू होगा!
10 साल बाद राजस्थान शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव
राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
10 साल बाद, राज्य सरकार फिर से 1 अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू करने की तैयारी कर रही है।
इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए शिक्षा संकुल, जयपुर में आज अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
📅 कब से शुरू होगा नया सत्र
बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया है कि नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल 2026 से शुरू किया जाए।
पिछली बार ऐसा बदलाव 2016 में किया गया था, जब सत्र 1 अप्रैल से प्रारंभ हुआ था।
इसके बाद सत्र मई-जून की छुट्टियों के आसपास शिफ्ट हो गया था, लेकिन अब एक बार फिर इसे अप्रैल प्रारंभ करने की तैयारी चल रही है।
🏫 बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी
बैठक की अध्यक्षता शिक्षा सचिव करेंगे। इसमें विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि अपने सुझाव देंगे।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इस बैठक के लिए निर्देश जारी किए हैं।
बैठक में निम्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी:
नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ करने पर सहमति
ओरल रीडिंग, बेसिक लिटरेसी और न्यूमेरसी (बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान)
स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा
शिक्षकों के प्रशिक्षण और सत्र समायोजन पर विचार
मूल्यांकन प्रक्रिया और वार्षिक परीक्षाओं की तिथियाँ
📚 क्यों जरूरी है यह बदलाव
1. गर्मी की छुट्टियों से पहले सत्र स्थिर रखना
राजस्थान में मई-जून की गर्मी काफी अधिक होती है।
अगर सत्र अप्रैल से शुरू होता है तो गर्मी की छुट्टियों से पहले स्कूलों में सिलेबस का एक बड़ा हिस्सा पूरा हो सकेगा।
2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सत्र निर्धारण
राजस्थान सरकार अब शिक्षा प्रणाली को NEP (National Education Policy) और NCERT पैटर्न के अनुरूप ला रही है।
कई कक्षाओं में पहले ही नया सिलेबस लागू किया जा चुका है।
अब सत्र को भी उसी के अनुरूप बनाने की योजना है।
3. शिक्षा गुणवत्ता में सुधार
सत्र को समय पर शुरू करने से शिक्षकों को पढ़ाई का पूरा समय मिलेगा, जिससे
परीक्षा शेड्यूल समय पर रहेगा,
रिवीजन के लिए पर्याप्त समय मिलेगा,
और विद्यार्थियों का प्रदर्शन बेहतर हो सकेगा।
🧑🏫 शिक्षक संगठनों की भूमिका
इस बदलाव पर अंतिम निर्णय शिक्षक संगठनों से फीडबैक लेने के बाद लिया जाएगा।
प्रत्येक संगठन से दो प्रतिनिधि — अध्यक्ष और महामंत्री — बैठक में भाग लेंगे।
शिक्षक संगठनों की राय इस पूरे निर्णय की दिशा तय करेगी।
🔍 क्या होगा असर
📘 छात्रों पर
छात्रों को नया कैलेंडर अपनाने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन लंबे समय में फायदा होगा।
गर्मी से पहले सिलेबस पूरा करने और नियमित परीक्षाओं से दबाव कम होगा।
🧾 शिक्षकों पर
शिक्षकों को अब सिलेबस और मूल्यांकन योजना को नए कैलेंडर के हिसाब से तैयार करना होगा।
समय से सत्र शुरू होने से शिक्षण कार्य में निरंतरता बनी रहेगी।
🏢 स्कूल प्रशासन पर
स्कूलों को टाइमटेबल, परीक्षा कार्यक्रम और छुट्टियों का कैलेंडर दोबारा निर्धारित करना पड़ेगा।
नए सत्र से पहले सभी व्यवस्थाएँ (जैसे पुस्तकें, फर्नीचर, और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया) पूरी करनी होंगी।
📅 2016 से अब तक का सत्र इतिहास
वर्ष। सत्र प्रारंभ की तिथि
2015-16 अप्रैल 2015
1 अप्रैल 2016 पहली बार सत्र अप्रैल में शुरू
2017-2025 जून-जुलाई गर्मी की छुट्टियों के बाद सत्र आरंभ
2026 (प्रस्ताव) 1 अप्रैल 2026
नया शैक्षणिक कैलेंडर लागू होने की तैयारी
🗣️ अभिभावकों और छात्रों को क्या करना चाहिए
स्कूल से संपर्क में रहें और आगामी आदेशों की जानकारी लें।
2026 के लिए किताबें और एडमिशन प्रक्रिया अप्रैल से पहले पूरी करें।
गर्मी की छुट्टियों के अनुसार अपनी योजनाएँ समायोजित करें।
यदि सरकारी आदेश जारी होता है, तो स्कूलों में टाइमटेबल और सिलेबस वितरण भी अपडेट होगा।
🏁 निष्कर्ष
राजस्थान में 1 अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू करने की तैयारी शिक्षा प्रणाली में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इससे शिक्षण की गुणवत्ता और सत्र प्रबंधन में सुधार की उम्मीद है।
हालांकि, अंतिम निर्णय बैठक के परिणाम और सरकारी आदेश पर निर्भर करेगा।
अगर यह लागू हुआ तो 2026 से राजस्थान की स्कूल प्रणाली में 10 साल बाद एक नया अध्याय शुरू होगा ।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें